मोहाना नदी के कटान पर डीएम की नजर, जसनगर में रात-दिन चलेगा फ्लड फाइटिंग अभियान
गिरिजा बैराज के एफ्लक्स बंधे के पास कटान का निरीक्षण, डूब क्षेत्र में बसे ग्रामीणों के सुरक्षित विस्थापन के निर्देश

मोहाना नदी का बढ़ता कटान, डूब क्षेत्र में आबादी और सामने बाढ़ का खतरा… जसनगर में हालात को देखते हुए डीएम खुद मौके पर पहुंचे और रात-दिन फ्लड फाइटिंग अभियान चलाने के निर्देश दे दिए।
लखीमपुर खीरी, 2 सितंबर। मोहाना और कर्णाली नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच तहसील निघासन के जसनगर क्षेत्र में नदी के कटान ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। गिरिजा बैराज के एफ्लक्स बंधे के समीप हो रहे कटान को रोकने के लिए सिंचाई विभाग की टीमें युद्धस्तर पर जुटी हैं। बुधवार को जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने मौके पर पहुंचकर फ्लड फाइटिंग कार्यों का औचक निरीक्षण किया और बचाव कार्यों की स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम यदुवीर सिंह, बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता अजय कुमार, सिंचाई खंड शारदा नगर के अधिशासी अभियंता करणपाल गंगवार समेत बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी और ग्रामीण मौजूद रहे।
कटान रोकने के काम में तेजी के निर्देश
डीएम ने मौके पर पहुंचकर फ्लड फाइटिंग के तहत कराए जा रहे कार्यों की प्रगति देखी। उन्होंने अधिकारियों से अब तक किए गए कार्यों, उपलब्ध संसाधनों और आगे की कार्ययोजना के बारे में जानकारी ली।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कटान रोकने के कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बचाव कार्यों को और तेज गति से संचालित करने तथा निर्माण एवं सुरक्षा कार्यों में गुणवत्ता और निर्धारित तकनीकी मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने को कहा।
कटान की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने राहत और बचाव का अभियान रात-दिन लगातार चलाने के निर्देश दिए। रात के समय काम करने वाले कर्मचारियों और मशीनरी के लिए पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने को भी कहा गया, ताकि अंधेरे के कारण फ्लड फाइटिंग कार्य प्रभावित न हो।
डूब क्षेत्र में बसी आबादी को लेकर प्रशासन सतर्क
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने एफ्लक्स बंधे के अंदर डूब क्षेत्र में बसी आबादी की स्थिति की भी जानकारी ली। अधिशासी अभियंता करणपाल गंगवार ने बताया कि संबंधित आबादी डूब क्षेत्र के भीतर आती है।
स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए डीएम ने तहसील प्रशासन और एसडीएम को नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रभावित ग्रामीणों के सुरक्षित विस्थापन की प्रक्रिया सुनिश्चित करने को कहा।
डीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि ग्रामीणों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। संभावित खतरे की स्थिति में प्रभावित लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने और जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू करने में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए।
ग्रामीणों से सीधे संवाद कर जानी समस्याएं
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद ग्रामीणों से भी बातचीत की। ग्रामीणों ने बाढ़ और नदी के कटान की स्थिति से जुड़ी अपनी चिंताएं डीएम के सामने रखीं।
जिलाधिकारी ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है। गांव और आसपास के क्षेत्र की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्रामीणों को किसी प्रकार की परेशानी न होने पाए और जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव की कार्रवाई की जाए।
मोहाना और कर्णाली नदी के बढ़े जलस्तर के बीच जसनगर में प्रशासन की सक्रियता से साफ है कि नदी के कटान और संभावित बाढ़ के खतरे को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड में है। अब लगातार चलने वाले फ्लड फाइटिंग अभियान और प्रभावित आबादी की सुरक्षा पर प्रशासन की निगाह रहेगी।



